Tuesday, November 3, 2026
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मुख्यमंत्री ने रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की, युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में कृषि, पशुपालन, पर्यटन एवं उद्योग क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से आम जनता को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाए, ताकि पात्र व्यक्ति समय पर इनका लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने तथा उन्हें स्वरोजगार के लिए अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि पात्र लोगों को योजनाओं का समय पर एवं पूर्ण लाभ मिले और साथ ही आवंटित बजट का शत-प्रतिशत आउटकम प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त उन्नति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं। सेब की अतिसघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से संचालित कर निर्धारित लक्ष्यों को समय से प्राप्त किया जाए तथा किसानों को अधिक से अधिक प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने किसानों से संबंधित देयकों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने तथा उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही राज्य में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने हनी मिशन के अंतर्गत शहद उत्पादन को और अधिक प्रोत्साहित करने, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन सुनिश्चित करने तथा बागवानी एवं मौन पालन के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे राज्यों के अध्ययन हेतु अधिकारियों व विशेषज्ञों की टीमें भेजने के निर्देश दिए।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 29 उत्पादों को जी.आई. टैग प्राप्त हो चुका है, जिनमें से 18 कृषि एवं कृषि कल्याण से संबंधित हैं। इस वर्ष 25 अन्य उत्पादों को जी.आई. टैग के लिए चिन्हित किया जाएगा। राज्य में 134 करोड़ रुपये की लागत से लागू स्टेट मिलेट पॉलिसी के अंतर्गत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी एवं चीना को शामिल किया गया है। प्रथम चरण में 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल के 24 विकासखंडों तथा द्वितीय चरण में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल के 44 विकासखंडों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में 5 हजार से अधिक गांवों को आच्छादित करते हुए लगभग डेढ़ लाख कृषकों को लाभान्वित किया गया है। मिलेट फसलों की खरीद-बिक्री के लिए 216 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा सहकारिता विभाग के अंतर्गत 20 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड भी बनाया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 5 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5,386 मीट्रिक टन मिलेट फसलों का क्रय किया जा चुका है।

बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत चार वर्षों में 32 हजार के लक्ष्य के मुकाबले 33,620 लाभार्थियों को 202.72 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। आगामी वर्ष में 9 हजार लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन विभाग के अंतर्गत दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत चार वर्षों में 780 होम स्टे स्थापित किए गए हैं, जिनके लिए 188.58 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया गया है। वहीं वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अंतर्गत चार वर्षों में एक हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया है, जिसमें 105 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का वित्त पोषण हुआ है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन क्षेत्र में 17,450 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है।

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