देहरादून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, झांसी और बरेली से दबोचे गए दोनों आरोपी; मुख्य अभियुक्त पर हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर समेत 44 मुकदमे दर्ज
देहरादून। फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए एक महिला को चार कंपनियों में निदेशक पद से हटाने के मामले में देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू और उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के झांसी और उसके भतीजे को बरेली के जोगी नवादा से गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को यमुना कॉलोनी, चकराता रोड निवासी रेखा आर्य ने कोतवाली कैंट में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि गिरधारी लाल साहू ने पहले से विवाहित होने के बावजूद उनसे विवाह किया। इसके बाद उनके साथ गाली-गलौच, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और उनके आधार पर उन्हें चार कंपनियों में निदेशक पद से हटा दिया गया।
शिकायत के आधार पर कोतवाली कैंट में मुकदमा संख्या 158/26 दर्ज किया गया। इसमें मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।
चार कंपनियों में भतीजे को बनाया निदेशक
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रथम के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने ऑडियो क्लिप कब्जे में लेकर गवाहों के बयान दर्ज किए और विभिन्न दस्तावेजों की जांच की।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू ने अपने भतीजे सतेंद्र राठौर के साथ मिलकर महिला के कथित फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद महिला को निम्नलिखित चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाकर सतेंद्र राठौर को निदेशक बनाया गया।
- देवों के देव महादेव
- बनखंडी रुद्राक्ष धाम
- श्री अंबे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड
- श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड
जांच में सतेंद्र राठौर की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया।
मुख्य आरोपी पर दर्ज हैं 44 मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 44 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर भेजी गई थीं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने 6 नवंबर 2026 को गिरधारी लाल साहू को झांसी से और सतेंद्र राठौर को बरेली से गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल एसआईटी दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
- गिरधारी लाल साहू (61 वर्ष): पुत्र रामस्वरूप, निवासी श्री बनखंडी नाथ मंदिर, बरेली (उत्तर प्रदेश)।
- सतेंद्र राठौर (40 वर्ष): पुत्र हरिप्रसाद, निवासी जोगी नवादा, बरेली (उत्तर प्रदेश)।
एसआईटी एवं पुलिस टीम
एसआईटी का पर्यवेक्षण पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी ने किया, जबकि क्षेत्राधिकारी सहसपुर अनुज कुमार विवेचक रहे।
कार्रवाई में निरीक्षक संतोष कुंवर, उपनिरीक्षक संदीप लोहान, संदीप कुमार, विनयता चौहान, दीपक गैरोला, धनीराम पुरोहित, प्रवीण पुंडीर, कमलेश गौर, रफत अली समेत एसओजी और विभिन्न थानों के पुलिसकर्मी शामिल रहे।





