Sunday, May 31, 2026
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गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, धरातल पर दिखें सकारात्मक परिणाम: डीएम

देहरादून, 30 मई 2026 (सूवि)। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार देर सायं ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक के साथ ही अर्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गंगा संरक्षण, सीवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता संबंधी कार्यों में केवल प्रेजेंटेशन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दिखाई देने चाहिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संस्थान एवं परियोजना प्रबंधन निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को एसटीपी संचालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

टपकेश्वर मंदिर, गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के साथ पृथक बैठक आयोजित कर भूमि चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पम्पिंग स्टेशन (एसपीएस) एवं सीवर लाइन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम ऋषिकेश को जीआईजेड के सहयोग से आवास विकास वार्ड में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू कर उसे मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने को कहा।

बैठक में नगरीय क्षेत्रों में डेयरी वेस्ट प्रबंधन संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराए जाने तथा नगर निगम देहरादून के संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग में हो रही देरी पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। उन्होंने पेयजल निगम को सभी नाला टैपिंग कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नालों की नियमित और प्रभावी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने गंगा सहित अन्य नदियों के तटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, संभावित प्रदूषण स्थलों का चिन्हीकरण करने तथा लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार कर नियमित सफाई सुनिश्चित करने पर बल दिया।

मसूरी क्षेत्र में 0.70 एमएलडी क्षमता के कैमल बैक एसटीपी निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान वर्ष 2022 में बजट स्वीकृत होने के बावजूद कार्य प्रारंभ न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। वहीं अर्केडिया जोन में प्रस्तावित 0.70 एमएलडी एसटीपी परियोजना के लिए भूमि चिन्हीकरण एवं म्यूटेशन की कार्यवाही लंबित रहने पर संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को सात दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी नगर निगमों एवं नगर निकायों को स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि कूड़ा उठान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा डंपिंग जोन में सीसीटीवी एवं अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी सुनिश्चित की जाए। नगर पंचायत सेलाकुई में अभी तक स्लज वाहन उपलब्ध न होने पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

फ्लड प्लेन जोनिंग चिन्हीकरण की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी का हरिद्वार तक तथा रिस्पना नदी का फ्लड जोन चिन्हीकरण पूर्ण हो चुका है। इसके अतिरिक्त आसन नदी का कार्य भी पूरा हो गया है, जबकि सुसवा, सौंग, जाखन-रानीपोखरी, चन्द्रबागा एवं यमुना नदी क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने सभी शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अर्धकुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित सभी निर्माण कार्य राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की अनुमति एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूर्ण किए जाएं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, समिति सदस्य पंकज गुप्ता, पर्यावरणविद् विनोद जुगलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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