Sunday, May 31, 2026
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं हेतु ₹256 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की

पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं एवं कुम्भ मेला 2027 से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए कुल ₹256 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री द्वारा आपदा प्रबंधन, सड़क सुधार, पेयजल योजनाओं एवं आधारभूत संरचना विकास से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की अवशेष धनराशि से प्रत्येक जनपद को राहत एवं बचाव मद में ₹3 करोड़, पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में ₹5 करोड़ तथा तैयारी एवं क्षमता विकास मद में ₹2 करोड़, इस प्रकार प्रति जनपद ₹10 करोड़ की दर से कुल ₹130 करोड़ अवमुक्त किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में उत्तराखंड राज्य के समस्त जिलाधिकारियों को नॉन एसडीआरएफ मद के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण हेतु प्राविधानित ₹39 करोड़ के सापेक्ष प्रति जनपद ₹2 करोड़ की दर से कुल ₹26 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-58 से औद्योगिक क्षेत्र तक चार लेन मार्ग के नवीनीकरण हेतु ₹2.72 करोड़, पथुलोक बैराज मार्ग के किमी 0.00 से 5.00 तक बीसी द्वारा सुधार कार्य हेतु ₹2.13 करोड़ तथा बहादराबाद-रोहाल्की तिराहे से अलीपुर-सुकरासा-पथरी अम्बूवाला मार्ग के नवीनीकरण हेतु ₹1.36 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून की पित्थूवाला शाखा में कमला पैलेस एवं जीएमएस रोड क्षेत्र में नलकूप निर्माण, राइजिंग मेन, वितरण प्रणाली तथा संबंधित कार्यों के लिए ₹20.37 करोड़ की स्वीकृति भी प्रदान की है।

इसके साथ ही SASCI कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग की तिलवाड़ा नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹39.86 करोड़, जनपद चमोली की पीपलकोटी नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹24.38 करोड़ तथा जनपद टिहरी गढ़वाल की हिण्डोलाखाल पम्पिंग पेयजल योजना हेतु ₹9.73 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन भी प्रदान किया गया है।

सुनहरा मार्ग चौराहा अब कहलाएगा ‘शहीद चौक’

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रुड़की नगर निगम क्षेत्र में स्थित सुनहरा मार्ग चौराहे का नाम “शहीद चौक” रखे जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला अस्पताल पहुंच मरीजों का जाना हालचाल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दिया भरोसा

पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम के समापन उपरांत बी.डी. पाण्डेय जिला अस्पताल पहुंचकर इमरजेंसी एवं चिल्ड्रन वार्ड का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को मरीजों को बेहतर उपचार एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने मरीजों के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या या दिक्कत आती है तो वे अपनी बात जिलाधिकारी आशीष भटगाईं के माध्यम से सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं।

मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार और संवेदनशीलता से अस्पताल में मौजूद मरीजों एवं उनके परिजनों में भरोसा और उत्साह देखने को मिला।

25 बिंदु कार्यक्रम के लक्ष्यों को एक माह में पोर्टल पर अपडेट करें: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

देहरादून, 24 अप्रैल 2026। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में “25 बिंदु कार्यक्रम 2025-26” की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने सभी जनपदों में विभिन्न बिंदुओं पर प्रगति की जानकारी ली और वर्ष 2026-27 के लिए शीघ्र लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने निर्देशित किया कि सभी विभाग आगामी एक माह के भीतर वर्ष 2026-27 के लिए जनपदवार लक्ष्य निर्धारित कर पोर्टल पर अपडेट करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद की समस्याएं और चुनौतियां अलग-अलग हैं, इसलिए जिलों को अपने फोकस एरिया तय करते हुए उसी के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए।

उन्होंने सचिवों, विभागाध्यक्षों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही सभी इंडिकेटर्स के वार्षिक लक्ष्य तय करते हुए मासिक लक्ष्य भी निर्धारित किए जाएं, ताकि नियमित समीक्षा के माध्यम से कार्यों की प्रगति सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि अब प्रत्येक माह कार्यक्रम की समीक्षा की जाएगी।

बैठक में मुख्य सचिव ने वन विभाग से संबंधित लक्ष्यों को सभी जनपदों के लिए निर्धारित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर विशेष फोकस करने को कहा। साथ ही जिन जनपदों में ईको टूरिज्म योजनाएं संचालित नहीं हो रही हैं, वहां भी ईको टूरिज्म योजनाएं शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में गवर्नेंस एंड जस्टिस के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं मौजूद हैं और इस दिशा में निरंतर कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

हरित चारधाम यात्रा के लिए व्यापक तैयारी, यात्रियों को मिलेगा स्वच्छ और शुद्ध भोजन

देहरादून। चारधाम यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों को स्वच्छ, शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने व्यापक अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “हरित चारधाम यात्रा” थीम के तहत विभाग द्वारा यात्रा मार्ग पर क्विक रिस्पांस टीमों और मोबाइल फूड सेफ्टी वैन की तैनाती की गई है। साथ ही होटल, ढाबा संचालकों और खाद्य कारोबारियों के लिए प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

विभाग के अनुसार इस बार चारधाम यात्रा मार्ग के होटल-ढाबों में तीर्थयात्रियों को स्वच्छ और ताजा भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने हेतु मोबाइल फूड सेफ्टी वैन को सक्रिय किया गया है, जबकि शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए क्विक रिस्पांस टीमों को भी तैनात किया गया है। विभाग ने आमजन की शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 18001804246 भी जारी किया है।

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन Sachin Kurve के निर्देश पर विभाग यात्रा मार्ग के प्रमुख शहरों में होटल और खाद्य कारोबारियों के साथ प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित कर रहा है। उपायुक्त मुख्यालय Ganesh Kandwal ने बताया कि उत्तरकाशी, श्रीनगर, देवप्रयाग, तीनधारा, चंबा, घनसाली, रुद्रप्रयाग और घट्टूगाड़ सहित विभिन्न स्थानों पर अब तक 250 से अधिक होटल कारोबारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

कार्यशालाओं में कारोबारियों से भोजन में तेल, नमक और चीनी का सीमित उपयोग करने की अपील की जा रही है, जिससे मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित यात्रियों को राहत मिल सके। इसके अलावा “ईट राइट अभियान” के तहत होटल संचालकों को खाद्य तेल का तीन बार से अधिक उपयोग न करने तथा प्रयुक्त तेल को बायोफ्यूल निर्माण के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। सरकार का प्रयास है कि यात्रियों को शुद्ध भोजन और स्वच्छ वातावरण मिले, साथ ही पवित्र तीर्थस्थलों पर सिंगल यूज प्लास्टिक की समस्या न बढ़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है, ताकि हरित और स्वच्छ चारधाम यात्रा का उद्देश्य सफल हो सके।

देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प तेजी से हो रहा पूरा: सीएम धामी

देहरादून। राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर सोमवार को परेड ग्राउंड में आयोजित “4 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प अब तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चार वर्ष पहले प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों को तोड़ते हुए उन्हें पुनः राज्य की सेवा का अवसर दिया था। उसी समय उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था, जिसे पूरा करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की पावन धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।” इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली बार जी-20 की बैठकों, राष्ट्रीय खेलों और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट जैसे बड़े आयोजनों का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर काम शुरू हो चुका है।

आर्थिकी में डेढ़ गुना वृद्धि:

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी अवधि में प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1750 हो गई है। साथ ही 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं और रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना:

उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है। वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘एचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ की श्रेणी प्राप्त हुई है। इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है। राज्य को लगातार चार वर्षों से “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” का गौरव भी प्राप्त हो रहा है।

युवाओं को मिली नौकरी, नकल माफिया पर कार्रवाई:

मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लाई। इसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है और 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे जा चुके हैं।

देवभूमि की पहचान बचाने के लिए कदम:

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के दैवत्व को बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए हैं। साथ ही 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है और लोगों को ठगने वाले छद्म साधुओं के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि चलाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू किया गया है।

चार साल बेमिसाल: मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसलों से बदला उत्तराखण्ड का स्वरूप

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक और सशक्त निर्णय लेकर राज्य की दिशा और दशा बदलने का दावा किया है। इन फैसलों के चलते उत्तराखण्ड की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है तथा विकास को नई गति मिली है।

सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई। इसके साथ ही राज्य में सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू कर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है।

युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका परिणाम यह रहा कि पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

शिक्षा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। इसके तहत मदरसा बोर्ड को समाप्त कर शिक्षा व्यवस्था और पाठ्यक्रम को एकीकृत ढंग से संचालित करने की व्यवस्था की गई है।

वहीं, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है, जिसे प्रशासनिक दृढ़ता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस:

धामी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लागू किए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है, जबकि सहकारी प्रबंध समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की गई। इसके साथ ही प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का संकेत है।

समग्र विकास की ओर बढ़ता उत्तराखण्ड:

स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की शुरुआत कर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

सरकार के अनुसार चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों और योजनाओं ने उत्तराखण्ड को विकास की नई दिशा दी है। मजबूत कानून व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और महिला सशक्तिकरण जैसे कदमों ने राज्य को मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ाया है।

धामी बने धुरंधर, उत्तराखंड विकास की राह पर तेजी से अग्रसर – राजनाथ सिंह

हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार के “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम के तहत हल्द्वानी स्थित एम बी इंटर कॉलज में आयोजित भव्य जनसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री का नंदा देवी मंदिर की प्रतिकृति और स्थानीय हस्तनिर्मित शॉल भेंट कर स्वागत किया।

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि यह देवभूमि आस्था, अध्यात्म और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां के लोग सौम्य, परिश्रमी और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

उन्होंने धामी सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के साथ तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि “धामी केवल धाकड़ ही नहीं, बल्कि अब धुरंधर भी बन चुके हैं”, जो प्रदेश के विकास के लिए लगातार प्रभावी निर्णय ले रहे हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर चुका है और यह यात्रा संघर्ष, बलिदान और विकास की कहानी रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ-साथ बिजली क्षमता, पर्यटन, रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि विकास की गति को दर्शाती है।

रक्षा मंत्री ने धामी सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों—यूनिफॉर्म सिविल कोड, नकल विरोधी कानून, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और सीमांत गांवों के विकास—को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू कर उत्तराखंड सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बना है।

अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखना जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा हजारों अतिक्रमण हटाए गए हैं और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत क्षेत्रों के विकास, वाइब्रेंट विलेज योजना और पलायन रोकने के लिए ठोस प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि “पहाड़ की जवानी और पानी” का उपयोग स्थानीय विकास के लिए होना चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार मिले और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर मजबूत भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य में निवेश, पर्यटन, बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से बड़े निवेश समझौते हुए हैं, जबकि स्टार्टअप और उद्योगों की संख्या में तेजी आई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे कदमों से राज्य में सकारात्मक बदलाव आया है। नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है और हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे, होटल और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्यों से रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें जमरानी बांध परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण विकास और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई।

केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को किया जाएगा बाहर: अमित शाह

हरिद्वार ।। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक हर घुसपैठिए को बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और बीते चार वर्षों में राज्य की समस्याओं को चुन-चुन कर हल करने का कार्य किया गया है। इसके कारण राज्य तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन के उल्लेख से करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ा और उन्हें Rampur Tiraha Firing Incident जैसी दुखद घटना का सामना भी करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बाद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन किया गया, जो आज विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।

तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंग्रेजों के समय के पुराने कानूनों को बदलकर नई न्याय संहिता लागू की गई है। वर्ष 2028 तक इसके सभी प्रावधान पूरी तरह लागू हो जाएंगे, जिसके बाद किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अंतिम फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय व्यवस्था बताया।

सीएए से शरणार्थियों को मिला अधिकार

गृह मंत्री ने कहा कि Citizenship Amendment Act के तहत पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को नागरिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को अपना धर्म और सम्मान बचाने के लिए भारत आना पड़ा और उन्हें नागरिकता देने के निर्णय पर सरकार अडिग है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 समाप्त करना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ-केदारनाथ पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।

नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता

गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के रूप में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में अब “पर्चा और खर्चा” के बिना सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लाया गया नकल विरोधी कानून अहम साबित हुआ है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होगा, जो सभी रिकॉर्ड तोड़ने वाला कुंभ होगा। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना भी उत्तराखंड के लिए लाभकारी साबित हो रही है।

केंद्र से बढ़ी आर्थिक सहायता

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से लगभग 54 हजार करोड़ रुपये मिले, जबकि 2014 के बाद यह सहायता बढ़कर लगभग 1 लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो चुकी है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में ऑलवेदर रोड, दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर, रेल और सड़क जैसी कई बड़ी परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय करीब 1.25 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 2.60 लाख रुपये हो गई है, जबकि जीएसडीपी भी 1.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की बूथवार समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध पूर्णता के निर्देश

देहरादून,02 मार्च 2026।। विजय कुमार जोगदंडे, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड ने नगर निगम सभागार, देहरादून में जनपद की 10 विधानसभा क्षेत्रों में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की बूथवार समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित ईआरओ को निर्देशित किया कि वे बीएलओ के कार्यों की प्रति सप्ताह समीक्षा सुनिश्चित करें। जिन बूथों पर मैपिंग कार्य का प्रतिशत कम है, वहां संबंधित बीएलओ के साथ तहसील स्तर से अधिकारी एवं कार्मिकों की ड्यूटी लगाते हुए मैपिंग कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 66.62 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है। विधानसभा चकराता में 99.03 प्रतिशत, विकासनगर में 70.47 प्रतिशत, सहसपुर में 71 प्रतिशत, धर्मपुर में 56.94 प्रतिशत, रायपुर में 62.64 प्रतिशत, राजपुर में 61.19 प्रतिशत, देहरादून कैंट में 61.36 प्रतिशत, मसूरी में 63.52 प्रतिशत, डोईवाला में 70 प्रतिशत तथा ऋषिकेश में 60.87 प्रतिशत मैपिंग कार्य संपन्न किया गया है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामि बंसल, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप नगर आयुक्त संतोष पाण्डेय, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, संयुक्त सचिव एमडीडीए गौरव चटवाल, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी चकराता प्रेमलाल, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव, तहसीलदार विकासनगर विवेक राजौरी, तहसीलदार ऋषिकेश चमन सिंह सहित संबंधित अधिकारी, बीएलओ एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।

नगला तराई (खटीमा) स्थित आवास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाई होली

खटीमा। पुष्कर सिंह धामी के निजी आवास, नगला तराई (खटीमा) में होली पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने सपरिवार उपस्थित होल्यारों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए सभी को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की बधाई दी।

आयोजित होली मिलन समारोह में विभिन्न समुदायों की महिलाओं द्वारा हिंदी, कुमाऊंनी, थारू एवं बंगाली लोक परंपराओं पर आधारित होली गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। विविध सांस्कृतिक रंगों से सजे इस आयोजन में पारंपरिक लोकधुनों पर मुख्यमंत्री श्री धामी भी होल्यारों के साथ झूमते नजर आए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और अधिक उल्लासपूर्ण एवं आत्मीय हो उठा।

समारोह में स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। यह आयोजन प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविधता में एकता तथा सामाजिक सहभागिता की भावना का जीवंत उदाहरण बना।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और पारस्परिक सहयोग की भावना को सुदृढ़ बनाए रखने का आह्वान किया।

समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा राज्यमंत्री फरजाना बेगम, अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, दान सिंह रावत, सतीश भट्ट, जीवन धामी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।